नई दिल्ली: वैसे तो भविष्य तो हर कोई देखना चाहता है लेकिन ये संभव कहां है? हालांकि दुनिया में एक ऐसा द्वीप भी है, जहां से आप भविष्य देख सकते हैं, वो भी पैदल जाकर. बस दिक्कत इतनी सी है कि यहां पर यात्रा करने पर ही पाबंदी लगाई गई है.
विज्ञान ने इंसान को बहुत कुछ सिखा दिया है. आज वो ऐसे-ऐसे काम कर रहा है, जो कभी सिर्फ कल्पना लगते थे. लेकिन टाइम ट्रैवल यानी समय में आगे-पीछे जाना अब भी इंसान के बस की बात नहीं है. हालांकि दुनिया में एक ऐसी जगह ज़रूर है, जहां जाकर इंसान कुछ हद तक भविष्य को छूकर वापस आ सकता है. ये कोई नई खोज नहीं, बल्कि हजारों साल से मौजूद एक अनोखा द्वीप है.
इस रहस्यमयी जगह का नाम है डायोमीड आइलैंड. यह एक नहीं, बल्कि दो द्वीपों में बंटा हुआ है. इनका नाम है -बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड. खास बात यह है कि इन दोनों के बीच की दूरी बहुत कम है, लेकिन समय का फर्क बहुत बड़ा.
बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड के बीच की दूरी सिर्फ 4.8 किलोमीटर है. हालांकि यही छोटी सी दूरी इंसान को अतीत से भविष्य में पहुंचा देती है. वजह है इनके बीच से गुजरने वाली एक खास काल्पनिक रेखा.
इन दोनों द्वीपों के बीच से गुजरती है इंटरनेशनल डेट लाइन. यह रेखा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाती है और यही तय करती है कि दुनिया में कहां तारीख बदलेगी. इसी लाइन को पार करते ही कैलेंडर का दिन बदल जाता है और इंसान समय में आगे या पीछे चला जाता है.
अगर कोई इंसान रविवार को एक द्वीप से निकलता है, तो दूसरे द्वीप पर पहुंचते ही वहां सोमवार हो चुका होता है।<br />इसी वजह से बिग डायोमीड को Tomorrow Island और लिटिल डायोमीड को Yesterday Island भी कहा जाता है. यही कारण है कि इस जगह को टाइम ट्रैवल से जोड़ा जाता है.
यह इलाका बेहद ठंडा है. सर्दियों में दोनों द्वीपों के बीच समुद्र जम जाता है और बर्फ का पुल बन जाता है. सैद्धांतिक तौर पर उस वक्त एक द्वीप से दूसरे तक पैदल जाया जा सकता है, लेकिन ऐसा करना कानूनी तौर पर मुमकिन नहीं है.
डायोमीड आइलैंड की खोज 16 अगस्त 1728 को डेनिश-रशियन नाविक विटस बेरिंग ने की थी. 1982 में अमेरिका ने इसे रूस से खरीदा और दोनों देशों के बीच सीमा तय हुई. इसके बाद दोनों द्वीपों के बीच यात्रा अवैध हो गई. रूस और अमेरिका के रिश्तों की वजह से यहां आवाजाही पर सख्त पाबंदी है और फिलहाल यहां कोई नहीं रहता.
पृथ्वी का वो कोना, जहां कदम रखते ही दिख जाता है भविष्य!
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