हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने रविवार को सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सघन चेकिंग अभियान चलाया। कोतवाली नगर पुलिस की विभिन्न टीमों ने हरकी पौड़ी, खड़खड़ी और औद्योगिक क्षेत्रों में घर-घर जाकर किरायेदारों, नौकरों और श्रमिकों का सत्यापन किया। इस दौरान कुल 170 लोगों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने और बिना सत्यापन के किराएदार रखने पर पुलिस ने 11 मकान मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया। इसके अलावा मर्यादा भंग करने वाले 16 लोगों के नकद चालान भी काटे गए।
किरायेदारों, नौकरों, श्रमिकों से पूछताछ
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने किया। अभियान के दौरान किरायेदारों, घरेलू नौकरों, फेरी-फड़ संचालकों और विभिन्न संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों से पूछताछ कर के व्यापक जानकारी ली गई और सत्यापन के काम को अंजाम दिया गया।
170 लोगों की जांच
पुलिस टीमों ने अपर रोड, औद्योगिक क्षेत्र, इंद्राबस्ती, निर्मला छावनी, खड़खड़ी और हरकी पौड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन की कार्रवाई को किया। अभियान के दौरान कुल 170 लोगों की जांच की गई। इनमें 109 किरायेदार शामिल थे।
1,10,000 रुपये का चालान
जांच में पाया गया कि 11 मकान मालिकों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। लापरवाही पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित मकान मालिकों के खिलाफ ‘धारा 83 पुलिस अधिनियम’ के तहत कुल 1,10,000 रुपये के चालान किए।
4,000 रुपये के नकद चालान
इसके अतिरिक्त, मर्यादा का उल्लंघन करने वाले 16 व्यक्तियों पर ‘धारा 81 पुलिस अधिनियम’ के अंतर्गत 4,000 रुपये के नकद चालान भी किए गए।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि सुरक्षा के दृष्टिगत वे अपने किरायेदारों और घरेलू कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं।
ई-रिक्शा के खिलाफ चला था अभियान
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर ई-रिक्शा के खिलाफ स्पेशल अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान बिना सत्यापन के 50 ई-रिक्शा को जब्त किया गया। इसमें जिला सड़क सुरक्षा समिति की ओर से ई-रिक्शा स्वामियों और चालकों का अनिवार्य सत्यापन कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में स्वामी और चालक दोनों का पुलिस सत्यापन शामिल है। सत्यापन पूरा होने होने के बाद ई-रिक्शा पर रूट आधारित रंग-कोडित क्यूआर स्टिकर लगाए जाते हैं।

