आज हरिद्वार में एक अजब गजब नजारा देखने को मिला जब एक शिक्षक अपनी मांग को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार के कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठ गया।
हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए शिक्षक अरविंद सैनी ने बताया की उनका बेटा फिल्पिंस में मेडिकल की शिक्षा प्राप्त कर रहा है जिसके खर्च हेतु उन्हें कुछ पैसे की आवश्यकता थी इसके लिए उन्होंने अपने प्रोविडेंट फंड से लोन हेतु आवेदन दर्ज किया था, जिसे विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा स्वीकृत करने के बावजूद भी अपर अधिकारियों द्वारा नहीं माना गया है।
उनका कहना है कि यदि यह उत्पीड़न इसी प्रकार चलता रहा तो अन्य शिक्षक भी अनशन पर बैठेंगे।
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