उत्तराखंड के जंगलों में हो रहे आग के तांडव से हो रही परेशानियों के बारे में तो सबको पता है पर अब उत्तराखंड के अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, बागेश्वर जैसे जिलों में हुई भारी बारिश से जंगल की आग काफी हद तक शांत हो गई है लेकिन
अल्मोड़ा और बागेश्वर में बादल फटा है और पुरोला उत्तरकाशी में ओलावृष्टि हुई है। बादल फटने से इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। साथ ही जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है और राज्य को मौसमी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। जिसपर एक्शन लेते हुऐ सीएम धामी ने मॉनसून आपदा न्यूनीकरण और चारधाम प्रबंधन पर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की सीएम धामी ने अधिकारियों को पूरे संसाधनों का उपयोग करने का आदेश दिया और किसी भी चूक पर कारवाही की बात कही।
बादलों से बरसे पानी ने जंगल की आग तो बुझा दी पर राजनीति की आग बरकरार है। हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए बताया की किस प्रकार से उन्होनें जनता से अनुरोध किया कि वह भगवान बद्रीनाथ केदारनाथ जी से प्रार्थना करे की बारिश हो जाये, उन्होने लिखा कि

“भगवान सुनता है कल सुबह मैंने लोगों से निवेदन किया कि आग बुझाने के लिए भगवान बद्रीनाथ केदारनाथ जी से प्रार्थना करें आज पहाड़ के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई है। आग बुझी है लेकिन जब हमारे पास एक सशक्त व्यक्ति था जो यूक्रेन के युद्ध को रोक सकता है तो उत्तराखंड तो छोटा राज्य है इसको आग से बचाया भी जा सकता था या आग को बुझाने के लिए केंद्रीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा सकती थी। हमारे बहुमूल्य जंगल वन संपदा जलकर राख हो गई खैर ईश्वर ने मदद की है मैं उसके लिए परमपिता को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने बारिश कर आग को बुझाया है।”

