देहरादून : उत्तराखंड में अब बिना हाई क्लास फैसिलिटी दिये स्कूल अपने नाम के आगे इंटरनेशनल या फिर ग्लोबल नहीं लिख सकेंगे. उत्तराखंड सरकार उन तमाम स्कूल को अब नोटिस भेजने जा रही है जो बिना फैसिलिटी दिये अपने नाम के आगे ग्लोबल या इंटरनेशनल शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. देहरादून वैली में तकरीबन 200 से ज्यादा स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई एफिलेटड हैं. कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पढ़ने देश-विदेश के स्टूडेन्ट्स आ रहे हैं.
एजुकेशन हब के नाम पर गली मोहल्ले में चल रहे स्कूल तक अपने नाम के आगे ग्लोबल और इंटरनेशनल जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन पर सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है. उन तमाम स्कूलों को अब नोटिस भेजने की तैयारी हैं, जो अपने नाम के आगे इन्टरनेशनल जैसे शब्दों को लगा रहे हैं. एजुकेशन डिपॉर्टमेन्ट का कहना है कि इसे लगाने का कारण पूछा जायेगा. फैसिलिटी किस तरह की है, यहां जांची जाएगी और अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नाम बदलने को कहा जाएगा.
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने भी हाल ही में स्कूलों के नाम में इंटरनेशल, ग्लोबल जैसे शब्दों को लगाने पर सख्ती दिखाई है. देहरादून में भी इस तरह की सख्ती को लेकर 60 से ज्यादा स्कूलों से जुड़ी प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि गांव-गांव में चल रहे स्कूल तक इंटरनेशनल, ग्लोबल के नाम से चल रहे हैं, जो गलत है.
वहीं, पूरे मानकों के साथ ही इन शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है. शिक्षाविद् बताते हैं कि इंटरनेशनल, ग्लोबल या फिर कैमब्रिज लगाने के पीछे पूरे नॉर्म्स होते हैं. स्कूल में वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी देने के अलावा स्कूल का विदेशों में भी अपना कैंपस होना चाहिए. साथ ही स्कूल को मान्यता प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रदान करना अनिवार्य होता है.. जिसमें IB, IGCSE या AP शामिल होता है, साथ ही मल्टी लेंग्वेज एजुकेशन भी शामिल होता है.
उत्तराखंड : इन स्कूलों पर बड़ा फैसला लेने जा रही है सरकार, नोटिस भेजने की तैयारी
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