मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी चुनाव के नतीजे आ गए हैं। इसमें बीजेपी और शिंदेसेना की अगुवाई वाली महायुति को बहुमत मिला है। महायुति के मेयर अब मुंबई में बैठते दिखेंगे। उससे पहले महायुति में बड़े नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले हैं। शिंदे सेना के नए चुने गए कॉर्पोरेटर मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में रुकने चले गए हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पार्टी की तरफ से उन्हें ऐसा करने का ऑर्डर दिया गया है। लेकिन अब इस पर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं।
शिंदे मुंबई में मराठी और शिवसेना का मेयर चाहते हैं, एक अंदाजा यह भी है कि शिवसेना ढाई साल के लिए मेयर का पद चाहती है। कहा जा रहा है कि शिंदे ने यह चाल चली है। लेकिन अब यह आने वाले समय में साफ होगा कि महायुति में मेयर पद को लेकर कोई टकराव होगा या नहीं। इससे पहले एकनाथ शिंदे की शिवसेना नेता शीतल म्हात्रे ने जवाब दिया है कि शिंदेसेना के कॉर्पोरेटर फाइव-स्टार होटल में क्यों ठहरे हुए हैं? आज मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस मुद्दे पर कमेंट किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
‘महायुति के तौर पर जीते’
शीतल म्हात्रे ने बताया कि हम महायुति के तौर पर चुनाव में गए थे और महायुति के तौर पर जीते हैं। हमें जो मैंडेट मिला है, वह महायुति के तौर पर मिला है। हमारा काम अपनी पीठ में छुरा घोंपना नहीं है। हम महायुति के तौर पर राज्य और मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में आने वाले हैं। होटल पॉलिटिक्स की बात करें तो, 29 कॉर्पोरेटर्स में से करीब 20 पहली बार चुने गए हैं। इस वजह से उन्हें कोई आइडिया नहीं है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कैसे काम करता है। इसलिए इस बारे में हमने यहां दो दिन का कैंप लगाया है।
होटल में क्यों रुके हैं शिंदे सेना के कॉपोरेटर्स?
शीतल म्हात्रे ने आगे बताया कि हमने आज यहां कॉर्पोरेटर्स को यह जानने के लिए बुलाया है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में काम कैसे होता है, काम कैसे हो रहा है, वहां क्या कानून और रेगुलेशन हैं, हम इसका सामना कैसे करने वाले हैं। शीतल म्हात्रे ने साफ किया कि इस वजह से हमें इस बारे में कोई होटल पॉलिटिक्स करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हमारे चुने हुए लोग शेर और शेरनी हैं। और वे आज यूबीटी को हराकर यहां आए हैं।
क्या शिवसेना को ढाई साल के लिए मेयर का पद मिलेगा?
शीतल म्हात्रे ने आगे कहा कि महायुति एक नैचुरल महायुति है जिसे माननीय हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने बनाया है। हम उनकी वजह से मोलभाव करने की ताकत वगैरह बढ़ाने के लिए ये सब नहीं कर रहे हैं। नगर निगम में मेयर के लिए अभी भी कोई रिजर्वेशन नहीं है, यानी कौन सा मेयर चुना जाए। ये सब बातें रिजर्वेशन होने से पहले ही हो रही हैं। इसका कोई मतलब नहीं बनता। इस बारे में फैसला माननीय एकनाथ शिंदे साहेब, हमारे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के बाकी सभी बड़े नेता लेंगे।
एकनाथ शिंदे के 29 कॉर्पोरेटर ‘ताज’ में क्यों कैद?
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