तेहरान: मिडिल ईस्ट में जंग के बादलों के बीच ईरान को कुदरत ने एक ऐसा तोहफा दिया है, जिसने अमेरिका से लेकर इजरायल तक हलचल मचा दी है. ईरान की बंजर और पथरीली जमीन के नीचे से सोने का एक ऐसा महासागर मिला है, जो आने वाले वक्त में ईरान की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकता है. ईरान की माइनिंग मिनिस्ट्री ने इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी है कि देश ने 2.2 करोड़ टन से ज्यादा नए सोने के अयस्क की खोज कर ली है. यह खोज ईरान को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
ईरानी न्यूज एजेंसी फारस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खजाने का सबसे बड़ा हिस्सा ईरान के उस इलाके में मिला है, जिसे अब तक काफी पिछड़ा माना जाता था. दक्षिण-पूर्वी ईरान का सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत अब सोने की खान बन गया है. यहां की तख्त गोल्ड माइन में अकेले 1.6 करोड़ टन सोने का अयस्क पाया गया है. इस एक खोज ने ईरान के कुल सोने के भंडार में रातों-रात 10% से ज्यादा का इजाफा कर दिया है.
कितना ताकतवर होगा अब ईरान?
अमेरिका और पश्चिमी देश ईरान पर प्रतिबंध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था का गला घोंटना चाहते हैं. लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की अपनी जुबान होती है. सोना यूनिवर्सल करेंसी है. जब डॉलर का रास्ता बंद होता है, तब देश सोने के बदले सामान खरीद सकते हैं. इतना विशाल गोल्ड रिजर्व ईरान को अमेरिकी डॉलर की निर्भरता से आजाद कर देगा.
ईरानी मुद्रा रियाल पिछले कुछ सालों में काफी कमजोर हुई है. सेंट्रल बैंक के पास जब सोने का इतना बड़ा भंडार होगा, तो वह अपनी करेंसी को स्थिर कर पाएगा. यह महंगाई से जूझ रही ईरानी जनता के लिए बड़ी राहत होगी.
मार्च 2024 तक, ईरान के पास पहले से ही 227 मिलियन टन सोने का अयस्क और 269 टन शुद्ध सोना मौजूद था. यह दुनिया में मौजूद गोल्ड रिजर्व का करीब 0.44% था. अब नई खोज के बाद ईरान दुनिया के शीर्ष गोल्ड रिजर्व वाले देशों की सूची में ऊपर चढ़ जाएगा.
अभी तो यह शुरुआत है…
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की धरती खनिजों के मामले में बेहद अमीर है, लेकिन अब तक सही तरीके से खोजबीन नहीं हो पाई थी. नई खोज ने यह साबित कर दिया है कि ईरान के अनछुए इलाकों में अभी भी अरबों डॉलर का सोना दबा पड़ा है. सरकार अब पूरे देश में, खास तौर पर दूर-दराज के इलाकों में खुदाई अभियान तेज करने जा रही है. जिस देश को दुनिया अलग-थलग करने की कोशिश कर रही है, उसे अपनी ही मिट्टी से ताकत मिल रही है. 22 मिलियन टन की यह नई खोज बताती है कि ईरान के पास लंबे समय तक संघर्ष करने और अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं. जाहिर है, ईरान का यह ‘गोल्डन बूस्ट’ उसके दुश्मनों के लिए किसी बुरी खबर से कम नहीं है.
ईरान के हाथ लगा कुबेर का खजाना, बदल जाएगी तकदीर
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