देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस बार की चारधाम यात्रा कई मायनों में पिछली चारधाम यात्राओं से अलग होने जा रही है. खासकर हेली सेवाओं को लेकर. हर साल की तरह इस बार चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टरों की मारामारी देखने को नहीं मिलेगी. तस्वीर पहले से कुछ बदली-बदली सी नजर आएगी.
दरअसल, बीते साल 2025 में उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में 5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए थे. इस हादसे में कई लोगों की मौत भी हुई थी, जिसके बाद DGCA (Directorate General of Civil Aviation) हरकत में आया. इसके बाद DGCA ने हेली सेवाओं को स्थगित करते हुए सख्त नियमों का पालन करने और तकनीक से संबंधित व्यवस्थाओं को सुचारू करने तक हेलीकॉप्टर संचालक पर रोक लगाकर रखी.
चारधाम यात्रा 2026 में हेली सेवाओं में इस बार बड़ी कटौती
वहीं, उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) इस बार डीजीसीए के सभी कंप्लायंस (मानकों का पालन) पूरे करने के बाद ही चारधाम यात्रा 2026 में हेली सेवाएं सुचारू करेगा. इस बारे में UCADA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी IAS आशीष चौहान ने विस्तार से बताया.
UCADA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान बताते हैं कि डीजीसीए द्वारा दिए गए निर्देशों का उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी द्वारा पालन किया गया है. इसके बाद डीजीसीए ने भी उत्तराखंड में पहले सेवाओं को लेकर संतुष्टि जाहिर की है.
ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट स्थापित की गई: उन्होंने बताया कि अब जल्द ही उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 की हेली सेवाओं के लिए टेंडर अलॉट किए जाएंगे. उसी आधार पर UCADA अगले यात्रा सीजन की तैयारी कर रहा है. उत्तराखंड सिविल एविएशन, DGCA के निर्देशों का पालन करते हुए देहरादून के सहस्त्रधारा और सिरसी हैलीपैड पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट और मेट्रोलॉजी यूनिट स्थापित की गई है.
PTZ कैमरे लगाए गए: इसके अलावा लिनचोली, भीमबली और गौरीकुंड में ग्राउंड मॉनिटरिंग स्टाफ भी तैनात किया जाएगा. इसके साथ ही सहस्रधारा से लेकर केदारनाथ तक 30 से ज्यादा PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे लगाए हैं. जो उत्तराखंड में हेली सेवाओं को और सुरक्षित और एफिशिएंस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
उत्तराखंड में हेली सेवाओं में 30 फीसदी कमी: पिछले साल के हादसों से सबक लेते हुए DGCA ने उत्तराखंड में हेली सेवाओं पर रोक लगा दी थी. वहीं, केदारघाटी के साथ-साथ सहस्रधारा से चार्टर सेवाओं में भी कमी करने के निर्देश दिए थे.
DGCA के निर्देशों का पालन करते हुए इस बार चारधाम यात्रा में सहस्रधारा हेलीपैड से उड़ने वाले हेलीकॉप्टर की संख्या को कम किया है. पहले यहां से रोजाना 65 उड़ानें भरी जाती थी, जिन्हें कम कर 40 कर दिया गया है. इसके अलावा केदारघाटी में भी उड़ने वाली शटल सर्विस में भी 30 फीसदी की कमी की गई है.
CEO UCADA ने बताया कि इस बार हेली सेवाओं में कई अतिरिक्त सुविधाओं को जोड़ा गया है, फिर भी कोशिश की जाएगी की हेली सेवाओं की दरों में नियंत्रण बना रहे, यानी किराया महंगा नहीं किया जाएगा.
चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ेगी भीड़: डीजीसीए के निर्देशों के अनुसार जब हेली सेवाओं में 30 से 40 फीसदी कमी की जाएगी तो इसका असर सड़क मार्गों पर देखने को मिलेगा. चारधाम यात्रा रूट में सड़कों की प्लानिंग को लेकर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडे ने बताया कि केदारनाथ के लिए डबल लाइन सड़क प्रस्तावित है, जिसका एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है.
सोनप्रयाग और सीतापुर के पास का हिस्सा अभी बाकी है, इसे भी डबल लाइन किया जाना था, लेकिन यहां पर दोनों तरफ से काफी ज्यादा निर्माण होने की वजह से यहां पर काम करने में समस्या आ रही थी. यही देखते हुए एक वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी प्लान तैयार किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि नदी की दूसरी तरफ एक सड़क प्लान की जा रही है. इसके अलावा अगले तीन से चार सालों में केदारनाथ रोपवे का भी काम शुरू हो जाएगा तो निश्चित तौर से हेली सेवाओं पर निर्भरता कम हो जाएगी.
चारधाम यात्रा : हेली सेवाओं में इस बार बड़ी कटौती, क्या बढ़ेगा किराया?
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