देहरादून नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक नगर निकाय चुनाव के बाद आयोजित की गई। बैठक में मेयर सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल और देहरादून के 100 वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे।बैठक में पार्षदों द्वारा 31 प्रस्ताव दिए गए थे, जिन पर चर्चा की गई। पार्षदों का फोकस सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, लाइट लगाने, अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति, नालों की सफाई और सीसीटीवी कैमरे लगाने पर रहा। इसके अलावा, भवन कर वसूली के लिए कैंप लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक पार्षद को विकास कार्यों के लिए 35 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अन्य कार्यों के लिए प्रत्येक पार्षद को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।बैठक में स्वच्छता समिति में हुए घोटाले का भी मुद्दा उठाया गया। एक पार्षद ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में 10 कर्मचारी नियुक्त थे, लेकिन केवल 6 ही सफाई कर्मचारी काम पर आ रहे थे। बाकी 4 कर्मचारियों का वेतन जा रहा था।एक अन्य पार्षद ने विधायकों की तरह वेतन की मांग की।
उन्होंने कहा कि पार्षदों का भी काफी खर्चा होता है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ साल में नगर निगम ने विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये जारी किए, लेकिन कोई भी काम नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि सभी पैसे का हिसाब होना चाहिए और जवाब पूरी डिटेल के साथ उपलब्ध कराया जाए।

