देहरादून: उत्तराखंड में राशन कार्ड में धांधली को रोकने और पात्र लोगों को सरकारी राशन मिल सके, इसके लिए राशन कार्डों की ई केवाईसी की जा रही है, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी पूरे प्रदेश भर में शत फीसदी राशन कार्डों की ई केवाईसी नहीं हो पाई है.
विभागीय अधिकारियों की मानें तो कई जगहों पर कनेक्टिविटी और संसाधनों की कमी के चलते यह काम अभी 80 फीसदी पर रुका हुआ है. यही वजह है कि प्रदेश भर में राशन कार्ड की ई केवाईसी को लेकर अब भी कई पात्र लाभार्थियों के राशन से वंचित होने की आशंका जताई जा रही है.
बता दें कि भारत सरकार के निर्देशों के तहत प्रदेश भर में पिछले साल राशन कार्ड को पूरी तरह डिजिटल करने के उद्देश्य से ई केवाईसी अभियान चलाया गया था. ई केवाईसी में लगातार आ रहे नेगेटिव फीडबैक के चलते बीच में सरकार की ओर से इस प्रक्रिया की दो बार समय सीमा बढ़ाई गई.
खाद्य आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या
राशन कार्ड ई केवाईसी की डेडलाइन: आखिरकार इसकी फाइनल तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन अब 2025 भी जा चुका है. साल 2026 का जनवरी भी आधा गुजर चुका है, लेकिन अभी भी उत्तराखंड में कई जगहों पर ई केवाईसी का काम पूरा नहीं हुआ है.
खाद्य आपूर्ति की मानें तो प्रदेश भर में राशन कार्ड के डिजिटलाइजेशन यानी ई केवाईसी का आंकड़ा अभी 80 फीसदी है. इस मामले में खाद्य आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि ई केवाईसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन कार्ड का फायदा पात्र और वास्तविक अभ्यर्थियों को मिले.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंत्योदय और प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH) श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाए, उसके लिए यह ई केवाईसी बेहद जरूरी है. खाद्य आपूर्ति योजनाओं में धांधली, डुप्लीकेसी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस डिजिटलाइजेशन अभियान की शुरुआत की गई थी.
बैठक लेतीं खाद्य आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या
इसमें सीधे अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक या फिर उसकी आंख की रेटिना स्कैन के जरिए कार्ड की पहचान सुनिश्चित की जानी थी. ताकि, केवल लाभार्थी को ही योजना का लाभ मिल पाए और लाभार्थी सरकार के डिजिटल डाटा में भी दर्ज हो पाए.
उन्होंने बताया कि इस अभियान में अभ्यर्थियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. सरकार की ओर से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया गया और पात्र लोगों की मांग पर ई केवाईसी की समय सीमा दो बार बढ़ाई गई. अंतिम तिथि तक विभाग को करीब 80 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई है.
किसी भी व्यक्ति को राशन से नहीं किया जाएगा वंचित: मंत्री आर्या ने कहा कि जो लोग ई केवाईसी से छूट गए हैं, उनके मामलों की जांच की जाएगी कि वे किन कारणों से ई केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों को गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या बायोमेट्रिक व रेटिना सत्यापन में तकनीकी समस्या थी, उन्हें पहले ही छूट दी गई है.
ऐसे किसी भी व्यक्ति को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा. यदि इसके बावजूद भी कोई पात्र व्यक्ति छूट जाता है तो भारत सरकार से इस विषय में राज्य सरकार अनुरोध करेगी. ताकि, सभी को राशन मिल सके. वहीं, खासकर नेटवर्क विहीन दूरस्थ गांवों में ई केवाईसी करवाने में समस्या आ रही है.
उत्तराखंड : राशन कार्ड में धांधली रोकने हो रही E-KYC, 80 फीसदी पर अटका आंकड़ा
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