देहरादून। उत्तराखंड में सभी जनपदों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। इस तरह की पहली प्रवासी पंचायत 24 अप्रैल को टिहरी में आयोजित की जाएगी। जिसमें अपने मूल गांव या आस पास के क्षेत्र में उद्यमिता के लिए इच्छुक प्रवासियों को संबंधित अधिकारियों और विभागों से संवाद का मौका मिलेगा।
आयोग के उपाध्यक्ष डॉ एसएस नेगी ने बताया कि इसी क्रम में पहली प्रवासी पंचायत का आयोजन 24 अप्रैल को नई टिहरी में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रवासी पंचायतों में ऐसे प्रवासी शामिल होंगे, जो अपने गांव या आस पास के क्षेत्र में उद्यमिता शुरु करना चाहते हैं। ऐसे लोग प्रवासी पंचायतों में जिला स्तर के अधिकारियों से संवाद कर, संबंधित योजनाओं एवं प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
इस कार्य में विभाग उन्हें पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि टिहरी में आयोजित होने जा रही प्रवासी पंचायत में 100 से अधिक प्रवासी शामिल हो रहे हैं, इसमें देश के विभिन्न राज्यों, विदेशों के साथ ही राज्य के भीतर बड़े शहरों में बसे प्रवासी भी शामिल हैं। सम्मेलन में पांच ऐसे प्रवासी भी शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने रिवर्स पलायन के जरिए अपने गांव में कोई उद्यम स्थापित किया है, वो अन्य प्रवासियों को अपनी सफलता की कहानी बताएंगे। यह क्रम सभी जिलों में दोहराया जाएगा।
सामुहिक समारोह में शामिल होंगे अधिकारी
आयोग के उपाध्यक्ष डॉ एसएस नेगी ने बताया कि, गर्मियों के सीजन में बड़ी संख्या में प्रवासीजन अपने गांवों में आयोजित होने वाले सामुहिक पूजन या अन्य समारोहों में शामिल होते हैं। इस बार आयोग के सदस्य भी ऐसे कुछ आयोजनों में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल होकर, इन प्रवासियों को राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देकर, उन्हें गांव वापस आने के लिए प्रेरित करेंगे।
इसमें संबंधित ब्लॉक के अधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयायों से रिवर्स पलायन का सुखद ट्रेंड नजर आने लगा है, अब तक छह हजार से अधिक प्रवासी वापस अपने गांव आकर, खुद का कारोबार कर रहे हैं। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।
इसी माह से जनगणना अभियान में भी गांव से पलायन कर गए लोगों से ये आग्रह किया जाएगा कि वो अपनी गणना अपने गांव में कराए जाने का भी अनुरोध किया जायेगा।

