नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के आगामी आम बजट को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार उत्सुकता केवल नई योजनाओं को लेकर नहीं, बल्कि बजट (Union Budget 2026) पेश होने की तारीख को लेकर भी है। दरअसल, साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार पड़ रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है।
सवाल ये है कि क्या संसद की कार्यवाही छुट्टी के दिन होगी या इसे 2 फरवरी, सोमवार के लिए टाला जाएगा? इसके अलावा, उसी दिन गुरु रविदास जयंती भी है, जो दिल्ली सहित कई राज्यों में एक प्रतिबंधित अवकाश है। इससे जुड़े तमाम सवालों के जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं।
1 फरवरी की तारीख पर क्यों बना है संशय?
भारत में बजट पेश करने की परंपरा में 2017 में बड़ा बदलाव आया था। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट को फरवरी के अंत के बजाय 1 फरवरी को पेश करने की शुरुआत की थी। इस बार 1 फरवरी 2026 को रविवार होने के कारण दो संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है:
संडे बजट: संसदीय परंपराओं के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में संसद की बैठक रविवार को बुलाई जा सकती है। 1999 में यशवंत सिन्हा ने रविवार (28 फरवरी) को बजट पेश किया था।
2 फरवरी का विकल्प: यदि कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स (CCPA) फैसला लेती है, तो इसे सोमवार तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।
Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बनाएंगी नया कीर्तिमान
बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। यदि वह इस बार बजट पेश करती हैं, तो वे लगातार 9 बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी।
मोरारजी देसाई का रिकॉर्ड: पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने कुल 10 बार बजट पेश किया था, लेकिन उन्होंने यह दो अलग-अलग कार्यकालों (1959-64 और 1967-69) में किया था।
लगातार बजट: निर्मला सीतारमण अब तक लगातार 8 बजट (एक अंतरिम सहित) पेश कर चुकी हैं। इस साल का बजट उन्हें पी. चिदंबरम (9 बजट) और प्रणब मुखर्जी (8 बजट) जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर ले आएगा।
छुट्टी के दिन बजट, क्या कहता है इतिहास?
वीकेंड पर बजट पेश करना केंद्र सरकार के लिए नई बात नहीं है। मोदी सरकार ने पहले भी कई बार छुट्टी या शनिवार के दिन बजट पेश कर अपनी प्रतिबद्धता जताई है:
* 2025 का बजट: शनिवार को पेश किया गया था।
* 2015 और 2016 का बजट: अरुण जेटली ने शनिवार, 28 फरवरी 2015 और 29 फरवरी 2016 को पेश किया था।
* ब्रिटिश काल की परंपरा: जानकारों के अनुसार, रविवार को सदन की कार्यवाही चलाने की जड़ें ब्रिटिश काल से जुड़ी हैं, इसलिए तकनीकी रूप से इसमें कोई बाधा नहीं है।
बजट 2026 से क्या हैं बड़ी उम्मीदें?
यह मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट होगा, इसलिए बाजार और आम जनता की नजरें कई अहम मुद्दों पर टिकी हैं:
* महिला सशक्तिकरण: जन धन खातों के जरिए महिलाओं को अधिक ऋण (Credit) और बीमा सुविधा देने की योजना।
* इनकम टैक्स: मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में बदलाव या छूट की उम्मीद।
* ग्रामीण विकास: कृषि और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए विशेष आवंटन।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
संसद के बजट सत्र की तारीखों का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा। वित्त मंत्रालय में ‘हलवा समारोह’ के साथ बजट की छपाई की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद ही अंतिम तारीख पर आधिकारिक मुहर लगेगी। फिलहाल, सरकार की सभी तैयारियां 1 फरवरी की समयसीमा को ध्यान में रखकर ही की जा रही हैं।
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