नई दिल्ली: नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने सामने होती हैं तब, माहौल मैच की बजाय ‘जंग’ में तब्दील हो जाता है. दोनों टीमें एक दूसरे से हारना नहीं चाहती. एशिया कप क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत द्वारा जीती गई एशिया कप की ट्रॉफी फिलहाल भारतीय सरजमीं पर नहीं, बल्कि दुबई में एशियन क्रिकेट काउंसिल के मुख्यालय में रखी हुई है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष और एसीसी के अहद सदस्य मोहसिन नकवी की देखरेख में इस ट्रॉफी का दुबई में होना कई सवाल खड़े करता है.
एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) का प्रोटोकॉल और मुख्यालय नियम एशिया कप की मूल ट्रॉफी आमतौर पर एसीसी के पास रहती है. नियमों के मुताबिक, विजेता टीम को अक्सर ट्रॉफी की’प्रतिकृति’ (Replica) दी जाती है, जबकि मूल ट्रॉफी को एसीसी के मुख्य कार्यालय में प्रदर्शित किया जाता है. चूंकि एसीसी का मुख्यालय दुबई में है, इसलिए ट्रॉफी वहीं सुरक्षित रखी गई है.
मोहसिन नकवी और एसीसी की भूमिका मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) वर्तमान में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख हैं और एसीसी में उनका प्रभाव काफी है. वर्तमान में हाइब्रिड मॉडल और चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनातनी चल रही है, उसके कारण भी ट्रॉफी के हस्तांतरण जैसी प्रक्रियाओं में देरी देखी जा रही है. नकवी का कहना है कि भारत को अगर ट्रॉफी चाहिए तो उसे दुबई में आकर एसीसी के हेडक्वार्टर से लेना होगा जबकि भारत का कहना है कि वो हेडक्वार्टर से ट्रॉफी नहीं लेगा. यहां पर लड़ाई अब शान की है.
ऐसा पहली बार हुआ जब विजेता टीम को ट्रॉफी नहीं मिली
क्रिकेट के इतिहास में ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि एक टीम फाइनल जीतकर चैंपियन बनी हो, लेकिन उसके पास अपनी ट्रॉफी न हो. 28 सितंबर 2025 को दुबई में खेले गए एशिया कप के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन वह चमचमाती ट्रॉफी आज भी भारत के बीसीसीआई मुख्यालय के बजाय दुबई/अबू धाबी में है. इसके पीछे खेल कम और कूटनीति ज्यादा है.
फाइनल जीतने के बाद जब प्रजेंटेशन सेरेमनी की बारी आई, तो भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था. इसके पीछे का मुख्य कारण नकवी की दोहरी भूमिका है. वह न केवल पीसीबी चीफ हैं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं. भारत सरकार और बीसीसीआई की स्पष्ट नीति है कि वह किसी भी पाकिस्तानी राजनीतिक व्यक्तित्व के साथ आधिकारिक मंच साझा नहीं करेंगे, विशेषकर सीमा पार तनाव और हालिया ‘पहलगाम हमले’ जैसी घटनाओं के बाद.
भारतीय कप्तान ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था
जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम इंडिया ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया, तो नकवी कथित तौर पर मंच से ट्रॉफी लेकर चले गए. खबरों के मुताबिक, उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रॉफी को दुबई स्थित एसीसी मुख्यालय में लॉक कर दिया जाए. उनकी शर्त है कि वे यह ट्रॉफी तभी सौंपेंगे जब कोई भारतीय खिलाड़ी या बीसीसीआई का बड़ा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनके पास आकर इसे ग्रहण करे.
कहां है एशिया कप ट्रॉफी…अब तक भारत क्यों नहीं ले पाया वापस
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